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क्या मरियम परमेश्वर की माता है?

मरियम परमेश्वर की माँ नहीं है  रोमन कैथोलिक और रूढ़िवादी ईसाई अक्सर मरियम को "परमेश्वर की माँ" के रूप में संदर्भित करते हैं, जिसका प्रोटेस्टेंट ईसाई  विरोध करते हैं। कैथोलिक चर्च के दावे को ध्यान में रखते हुए नाम को भी ठोकर लग सकती है। क्यों? क्योंकि उनके लिए "परमेश्वर की माँ" का अर्थ है कि ईश्वर की उत्पत्ति किसी तरह मरियम से हुई है। लेकिन सारी सृष्टि के बनाने वाले  की मां कैसे हो सकती है?  कैथोलिक लोगो अनुसार, यह शब्द मरियम को ऊंचा करने के लिए नहीं है, बल्कि उसे वह सम्मान और सम्मान देने के लिए है जो कि उसे गर्भ धारण करने और यीशु को जन्म देने के लिए चुना गया है।  यद्यपि मरियम यीशु की माँ है, लेकिन  वह परमेश्वर की माँ नहीं हो सकती। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वर्ग और पृथ्वी पर सभी चीजों के निर्माता होने के नाते परमेश्वर की कोई मां नहीं थी और ना उसको माता की कोई आवश्यकता नहीं है।  "परमेश्वर की माँ" शब्द की उत्पत्ति प्राचीन कलीसिया  में इस शब्द का क्या अर्थ था? आज इसका दुरुपयोग कैसे हो रहा है? जो कोई भी प्राचीन चर्च के लेखन को पढ़ता है वह जानत...

पाप की पहचान बहुत जरूरी है

       👉पाप की पहचान होना बेहद जरूरी है, ऐक बच्चा जब ऊसकी मां की गोद में दुसरे बच्चे को देखता है तब वह रोने लगता है, किसीने नहि सिखाया ऊसे; वह तो आदम के DNA से पैदा हुआ है तो ऊसको सिखाना नही पडता वह अपने आप ही सिखता है; क्योकी हमारे स्वभाव में ही पाप है! बाईबिल कहति है की हम जन्म से ही पापी है। जब हमे पता ही नही की किसी की गैर मौजुदगी में ऊसके लिऐ बुरी बाते बताना, किसी के घर की बाते दूसरो को बताना और अंदर ही अंदर खुश होना, किसी काम को करते समय हमारा ईरादा गलत हो सकता है या गलत ईरादे से हम कितनी आसानी से झूठ बोल देते है की "नही आप सोच रहे है वैसा कुछ नहि है!" 
👉लोग बडे बडे अपराध जैसे खुन करना, चोरी करना, एक पत्नी के अलावा दुसरी से संबंध रखना ईसको दुनियाने आज ये बोलके की "अब हर रोज क्या दाल-चावल खाना एक बार तो नया चाहिये ना! " मजाक बना के रखा है! *येशु मसाह मत्ती अध्याय में कहते है "परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ, कि जो कोई किसी स्त्री पर कुदृष्‍टि डाले वह अपने मन में उस से व्यभिचार कर चुका।"*
मत्ती 5:28 📖
👉और भी बहूत सारे पाप जो हम हर रोज करते है और ऊसको पाप नहि समझते तो अगर हमे जानना है की एक व्यक्ति कैसे पवित्र जीवन जी सकता है तो हमे बाईबिल पढनी ही पडेगी! ईसी लिऐ आपके पास यदि बाईबिल न हो तो आप बाईबिल ऐप अपनी भाषा में डाऊनलोड कर सकते है। 
👉परमेश्वरने हमे आजादी दी है की हमें जीवन का मार्ग चाहिये या मृत्यु का मार्ग! हमे ही चुनना पडेगा। मृत्यु से आज तक न कोई बचा है और न बचेगा एक न एक दिन संसार छोड जाना ही पडता है और ऊसके बाद कौनसा जीवन हमे मिलता है वह सब बाईबिल हमे बताती है तो यदि आज हमारी मृत्य हो जाऐ तो यदी हमने येशु के आगे पश्याताप नहि किया होगा और वह जब पृथ्वी पर था तब ऊसने जैसा जीवन जिया वैसा हमने नही जीया होगा तो हम परमेश्वर को कोई झूठा बहाना नहि बना सकते की " हमे तो बाईबिल नहि मिला या नहि पता था हमें!" परमेश्वरने हमसे कुछ छूपाकर नहि रखा! सब बता दिया है और अबतो बाईबिल भी मोबाईल में आ गया है क्योकि आज हर ऐक व्यक्ति की आंखे मोबाईल में ही 24 घंटे लगी रहती है! ऊठते, बैठते, नहाते, खाते, बहार जाते, बहार से आते, की बार तो मोबाइल में ईतना घूस जाते है की सुबह के 5 6 बज जाए तो भी हमे पता इ चलता!
👉परमेश्वर सब कुछ देख रहा है वह कोई मूर्ति मे रहता ही नहि! अरे वह तो स्वर्ग में  ऐसै राज्यासन पर बिराजमान है की हमे दूर दूर तक कोई कल्पना ही नही आयेगी! कोई ऊसको देख नहि सकता क्योकी वह वह ईतनी तैज रोशनी है की सूर्य भी ऊसके सामने कुछ नहि है और हम कहते है वह दिखता नहि तो क्यो विश्वास करे! अरे जब ऊसकी रोशनी दिख जाऐगी ना तब आप अपने घूटनो पर आ कर किसी के बोले बिना खुद ही कहोगे "येशु ही प्रभु है ऊसके जैसा कोई नहि!" और वह आने ही वाला है और यह सब बाते मेरे मुह की नहि है! सब ऊसके वचन में  लिख के रखा है! फर्क इतना है की हम पढना नहि चाहते! 
👉तो अब यदि हमे मृत्यु के बाद हम कहा जाऐंगे वह जानना और कंन्फर्म करना ही है तो बाईबिल तो पढना ही पडेगा! 
👉परमेश्वर आप अबके मन की आंखो को खोल दे और सब लोग कंन्फर्म हो जाये मृत्यु के बाद स्वर्ग जाने में यही प्रार्थना के साथ येशु के नाम से आमीन🙏🙏

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